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सितंबर, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
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नगरपालिका की नाकामी के कारण बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले जम्मू(राजेंद्र भगत) पिछले कुछ वर्षों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी होती जा रही है हालांकि जिस प्रकार से स्वास्थ्य विभाग और जनता डेंगू के नाम से जागरुक हुई है उस कारण इन मामलों में कमी आनी चाहिए थी। पर हो इस से उलट रहा है। अगर राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी को कवर करने के लिए सारी टीमें बनाई है तो बीमारी पर काबू पाया जाना चाहिए था पर ऐसा क्यों नहीं हो पा पाया? क्या डेंगू पर काबू पाना केवल स्वास्थ्य विभाग का ही कार्य है ? अगर मच्छर के या गंदगी के कारण डेंगू फैलता है तो क्या स्वास्थ्य विभाग को डेंगू पर काबू ना कर पाने का दोषी मानना सही है? *नगरपालिका का काम क्या होता है*     पूरे देश के अंदर डेंगू से मुकाबला करने के लिए उस राज्य की नगरपालिका काम करती है। जिस सीजन में डेंगू फैलता है उस सीजन में गड्ढे भरना, पानी का जमावड़ा, गंदगी के ढेर, मच्छर मारने वाली दुआ गाड़ियां, लोगों को डेंगू के प्रति अवेरनेस कैम्प इत्यादि नगर पालिका लगती है। तो क्या जम्मू में इस तरह की कोई मुहिम चलाई गई है? नहीं तो क्यों? हां तो कब? जम्म...
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मेक्सिको में भूकंप के तेज। झटके 139 लोगों की मौत। रिक्टर पैमाने पर 7.1 की तीव्रता वाले भूकंप ने मेक्सिको सिटी, मोरलियोस और पुएब्ला प्रांतों में भारी तबाही मचाई है।
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आतंकी हमलों में शामिल हैं रोहिंग्या, अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे- म्यांमार अनिल गुप्ता नेपीताव। म्यांमार में रोहिंग्या संकट पर अपनी पहली टिप्पणी में आंग सान सू ची ने मंगलवार को कहा कि रखाइन प्रांत में फैले संघर्ष में जिन तमाम लोगों को परेशानी का सामना करना पड रहा है, उनके लिये मैं दिल से दुख महसूस कर रही हूं। सू ची ने अपनी टिप्पणी में यह भी उल्लेख किया कि रोहिंग्या मुस्लिमों को हिंसा के जरिए देश से विस्थापित किया गया। सू की ने रोहिंग्या मामले पर दुनिया भर में हो रही आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है। सू की ने कहा कि रोहिंग्या आतंकी हमलों में शामिल हैं। रोहिंग्या समूहों ने म्यांमार में हमले कराए। सू की ने कहा कि म्यामांर ने रोहिंग्या लोगों को संरक्षण दिया लेकिन नतीजा क्या निकला। हम आलोचनाओं से डरने वाले नहीं है। सू की ने कहा कि जो लोग म्यांमार में वापस आना चाहते हैं, हम उनके लिए हम रिफ्यूजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में सू ची ने ऐसे किसी भी मानवाधिकार उल्लंघन की निंदा की जिससे संकट में इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा, हम यह सुनकर चिंतित हैं...
जम्मू कश्मीर के जम्मू हिस्से को विदेशियों के लिए रेफ्यूजी कैप्म मत बनायो। ज्ञात रहे कि इस क्षेत्र में पहले से ही बांग्लादेशी वर्मा नेपाल इत्यादि बाहरी देशों के नागरिक कई वर्षों से रह रहे हैं ऊपर से रोहिंग्या मुस्लिम लोगों को भी कुछ नेता केवल धर्म की आड़ लेकर जम्मू में बसाने की कोशिश में है जो हानिकारक है ज्ञात रहे की इन मुस्लिम लोगों को वही बताना चाहते हैं जिनकी गतिविधियां पहले ही देश विरोधी रही हैं