आतंकी हमलों में शामिल हैं रोहिंग्या, अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे- म्यांमार

अनिल गुप्ता
नेपीताव। म्यांमार में रोहिंग्या संकट पर अपनी पहली टिप्पणी में आंग सान सू ची ने मंगलवार को कहा कि रखाइन प्रांत में फैले संघर्ष में जिन तमाम लोगों को परेशानी का सामना करना पड रहा है, उनके लिये मैं दिल से दुख महसूस कर रही हूं। सू ची ने अपनी टिप्पणी में यह भी उल्लेख किया कि रोहिंग्या मुस्लिमों को हिंसा के जरिए देश से विस्थापित किया गया। सू की ने रोहिंग्या मामले पर दुनिया भर में हो रही आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है। सू की ने कहा कि रोहिंग्या आतंकी हमलों में शामिल हैं। रोहिंग्या समूहों ने म्यांमार में हमले कराए। सू की ने कहा कि म्यामांर ने रोहिंग्या लोगों को संरक्षण दिया लेकिन नतीजा क्या निकला। हम आलोचनाओं से डरने वाले नहीं है। सू की ने कहा कि जो लोग म्यांमार में वापस आना चाहते हैं, हम उनके लिए हम रिफ्यूजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में सू ची ने ऐसे किसी भी मानवाधिकार उल्लंघन की निंदा की जिससे संकट में इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा, हम यह सुनकर चिंतित हैं कि अनेक मुस्लिमों ने पलायन कर बांग्लादेश में शरण ली है। सू ची के संबोधन का टीवी पर सीधा प्रसारण हुआ।

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